तीन दिवसीय एडवांस लेप्रोस्कोपी हर्निया सर्जरी कार्यक्रम पर प्रेस वार्ता
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 11-13 अप्रैल 2025 तक एडवांस हर्निया सर्जरी पर तीन दिवसीय सम्मेलन, वरिष्ठ सर्जनों की भागीदारी।

(संजय शुक्ला)
कानपुर: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में तीन दिवसीय ‘फेलोशिप इन एडवांस लेप्रोस्कोपी हर्निया सर्जरी’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 11 से 13 अप्रैल 2025 तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के वरिष्ठ सर्जन हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान 35 राष्ट्रीय फैकल्टी विशेषज्ञ 250 सर्जन डॉक्टरों को एडवांस हर्निया सर्जरी की ट्रेनिंग देंगे। जो डॉक्टर इस प्रशिक्षण में सफल होंगे, उन्हें फैलोशिप प्रदान की जाएगी।
फ्री सर्जरी के लिए मरीजों का पंजीकरण
मेडिकल कॉन्फ्रेंस के आयोजकों डॉ. शिवांशु मिश्रा, डॉ. शिवा के. मिश्रा और डॉ. मनोज सोनकर ने बताया कि इस आयोजन के तहत 13 अप्रैल को 15 से 20 मरीजों की एडवांस दूरबीन हर्निया सर्जरी निशुल्क की जाएगी। इसके लिए मरीज 3 अप्रैल से 10 अप्रैल 2025 तक सर्जरी विभाग में पंजीकरण करा सकते हैं।
प्रमुख अतिथि और आयोजन की विशेषताएँ
इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रसिद्ध पद्मश्री सम्मानित सर्जन डॉ. प्रदीप चौबे करेंगे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय काला ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि कॉलेज चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कॉन्फ्रेंस में लाइव ऑपरेशन वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल डॉक्टरों को विशेष डिग्री दी जाएगी। यह उत्तर प्रदेश का अपनी तरह का पहला कार्यक्रम होगा, जिसमें डॉक्टरों को नवीनतम तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा।
देश-विदेश से सर्जनों की भागीदारी
फेलोशिप प्रोग्राम में भारत के दिल्ली, बिहार, कोलकाता, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के सर्जन भाग लेंगे। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया और बांग्लादेश के वरिष्ठ सर्जन भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
सर्जरी क्षेत्र में एक बड़ा कदम
कानपुर सर्जिकल क्लब के अध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन मेडिकल क्षेत्र में एक बड़ी पहल है, जिससे युवा सर्जनों को नवीनतम तकनीकों से प्रशिक्षित किया जाएगा। कानपुर सर्जिकल क्लब लगातार सर्जरी में होने वाले आधुनिकीकरण और बदलती तकनीकों से डॉक्टरों को अपडेट करता रहता है।
यह आयोजन हर्निया सर्जरी में एडवांस तकनीकों को अपनाने और प्रशिक्षित सर्जनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
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