सिविल डिफेंस की भागीदारी ने 'ईट राइट मेला 2025' को बनाया सफल
ईट राइट मेला 2025 में सिविल डिफेंस की भागीदारी ने अनुशासन और जागरूकता बढ़ाई, स्वस्थ जीवनशैली को दिया प्रोत्साहन।

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, विभूति खंड, गोमती नगर में ‘ईट राइट मेला 2025’ का आयोजन भव्य तरीके से संपन्न हुआ। इस आयोजन में सिविल डिफेंस के 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कार्यक्रम में अनुशासन और जागरूकता का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे एक उत्साहजनक वॉकथॉन से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
सिविल डिफेंस का सराहनीय योगदान : राष्ट्रपति पदक से सम्मानित सिविल डिफेंस अधिकारी मनोज वर्मा ने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित इस मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ आहार और पोषण संबंधी जानकारियां देना था। सिविल डिफेंस के जवानों ने न केवल अनुशासन बनाए रखा, बल्कि उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
स्वयंसेवकों की प्रशंसा : मनोज वर्मा ने बताया कि सहायक आयुक्त खाद्य विजय कुमार सिंह के अनुरोध पर, उपनियंत्रक अनिता प्रताप के आदेशानुसार और चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा के निर्देशानुसार सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं।
सहायक उपनियंत्रक मुकेश कुमार, स्टाफ अफसर राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, नफीस अहमद, अरविंद मिश्रा, रामगोपाल सिंह, राजेंद्र प्रसाद, प्रदीप शर्मा, मोहम्मद अहमद, शेषमणि, राजेश, शोएब, ओंकार, रजत राजपूत और पंकज मिश्रा जैसे समर्पित स्वयंसेवकों ने आयोजन की सफलता में अहम योगदान दिया।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल : ‘ईट राइट मेला 2025’ में विभिन्न स्टॉल्स के माध्यम से स्वास्थ्यवर्धक भोजन और पोषण से जुड़ी जानकारी दी गई। पोषण विशेषज्ञों ने लोगों को संतुलित आहार के महत्व पर व्याख्यान दिए, जबकि सिविल डिफेंस के जवानों ने अनुशासन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा।
इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि नागरिक सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया। ‘ईट राइट मेला’ जैसी पहलें नागरिकों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
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