18 बीघा के तालाब में 16 बीघा पर हुआ कब्जा, चार बार नाप करने के बाद तालाब की भूमि पर राजस्व निरीक्षकों ने अंतत करा दिया कब्जा

(अजय श्रीमाली (एडवोकेट) कौशाम्बी - सिराथू तहसील में तहसीलदार की उदासीनता के चलते राजस्व निरीक्षक मनमानी पर उतारू है और सरकारी जमीनों पर कब्जा करा करके करोड़ों की संपत्ति बनाने में लगे हैं सिराथू तहसील के ग्राम पंचायत भड़ेसर में नगर पालिका क्षेत्र में जनपद मुख्यालय में मौजूद करोड़ों की जमीन पर सिराथू तहसील प्रशासन द्वारा लाखों वसूली करने के बाद कब्जा कराने का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा कि सिराथू तहसील के जुबरा गांव में तालाब नम्बर 343 रकबा 4.49 10 हेक्टेयर लगभग 18 बीघा की जमीन पर लेखपालों द्वारा लगातार कब्जा कराया जा रहा है 18 बीघा का तालाब सिकुड़ कर देखते-देखते लगभग दो बीघा हो गया है लेकिन अभी भी तहसीलदार ईमानदारी की दुहाई दे रही है

मई 12, 2024 - 14:45
मई 12, 2024 - 14:46
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18 बीघा के तालाब में 16 बीघा पर हुआ कब्जा, चार बार नाप करने के बाद तालाब की भूमि पर राजस्व निरीक्षकों ने अंतत करा दिया कब्जा
चार बार नाप करने के बाद तालाब की भूमि पर राजस्व निरीक्षकों ने अंतत करा दिया कब्जा

बीते एक सप्ताह से फिर इसी सरकारी तालाब में गोरे लाल पुत्र छेदीलाल को राजस्व टीम द्वारा कब्जा कराने का मामला चर्चा में गया है बिना अधिकारियों के आदेश के गोरेलाल को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तालाब की भूमि से गोरेलाल को जमीन देने के लिए तीन बार नाप की गयी लेकिन तालाब की भूमि तीनों बार सही नही निकली जिससे लेखपालों की मनमानी नहीं चली जिस पर चौथी बार फिर तालाब की जमीन राजस्व निरीक्षकों ने नाप कर दी और अपने द्वारा पहले तीन बार नाप को झूठा साबित करते हुए राजस्व निरीक्षक ने तालाब की जमीन को कम करके गोरे लाल के खेत में मिला दिया है

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18 बीघा का यह तालाब लगभग दो बीघा मौके पर बचा हुआ है और राजस्व लेखपाल सहित तहसीलदार ईमानदार की दुहाई दे रही है जबकि गोरेलाल ने पहले से तालाब की जमीन पर कब्जा किया था उसकी जमीन खतौनी में दर्ज रकबा से अधिक मौके पर पहले से थी उसकी जमीन कम करने के बजाय चौथी बार नाप में गोरेलाल की जमीन राजस्व निरीक्षकों ने और बढ़ा दी है जबकि जिस जमीन पर गोरेलाल को कब्जा कराया गया था यह जमीन 1993 में गांव के हरिश्चंद्र को पट्टे पर दी गई थी जिनका नाम खतौनी के में दर्ज भी है बताया जाता है कि तालाब की जमीन कब्जा कराने के आड़ में तहसीलदार के नाम पर लाखों की वसूली की गई है

मामले को लेकर उप जिला अधिकारी सिराथू से हरिश्चंद्र आदि ने शिकायत की जिस पर उप जिला अधिकारी सिराथू ने 08 मई को तहसीलदार और कोतवाल मंझनपुर को निर्देशित किया कि तालाब की जमीन पर कब्जा ना होने पाए लेकिन उप जिला अधिकारी का आदेश तहसीलदार और कोतवाल के लिए कोई मायने नहीं रखता रोज-रोज एसडीएम का आदेश आता है और तहसीलदार अधिकारियों का आदेश रद्दी में डाल देती हैं और इस बार भी एसडीएम का आदेश रद्दी में डाल दिया गया है 3 दिन बीत जाने के बाद एसडीएम के आदेश का पालन नहीं हुआ 

यह बड़ी जांच का विषय है आखिर गोरेलाल की जमीन के बगल में जिन आठ लोगों का मकान बना हुआ किसकी जमीन पर बना है इस मामले को लेकर जांच कराई गई तो  गोरखधंधे का खुलासा होना तय है तालाब की जमीन पर गोरेलाल आदि ने निर्माण शुरू कर दिया जो बेखौफ तरीके से निर्माण चल रहा है तालाब की जमीन कब्जा हो रहा है अधिकारी मौज मस्ती कर रहे हैं सरकारी जमीन की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है लेकिन सरकारी जमीन की सुरक्षा करने वाले ही दबाव में सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने पर उतारू है तो फिर सिराथू तहसील की सरकारी जमीन कैसे सुरक्षित होगी

 

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