Dadri & DFCCIL के मध्य कनेक्टिविटी के लिए दादरी यार्ड की रीमॉडलिंग कार्य पूरा

आनंदी मेल समाचार नई दिल्ली। Dadri & DFCCIL के मध्य कनेक्टिविटी के लिए दादरी यार्ड की रीमॉडलिंग के कार्य को पूरा कर लिया गया है। इस कार्य के दौरान ईडीएफएसी (EDFC)(न्यू बोराकी) की 3 लाइनें एवं डब्ल्यूडीएफसी (WDFC) (न्यू दादरी) की दो लाइनों को दादरी से कनेक्ट किया गया तथा यह सभी पांचों लाइनें बाय डायरेक्शनल लाइनें हैं।

Dadri & DFCCIL के मध्य कनेक्टिविटी के लिए दादरी यार्ड की रीमॉडलिंग कार्य पूरा
Dadri & DFCCIL के मध्य कनेक्टिविटी के लिए दादरी यार्ड की रीमॉडलिंग कार्य पूरा

इस कार्य हेतु कुल 75 माइक्रो लाक, 64 मुख्य सिग्नल, 78 शंट सिग्नल, 503 रूटों,  46  पॉइंट, 81 पाइंट मशीन तथा 204 ट्रैक सर्किट सहित 04 डाटा लागर, 04 इएलडी एवं 04 आईपीएस स्थापित किये गए| 

ईडीएफसी और डब्ल्यूडीएफसी के कनेक्टिविटी हो जाने से , दादरी जंक्शन आईसीडी (ICD) लाइन, एनटीपीसी (NTPC) लाइन ईडीएफसी, डब्ल्यूडीएफसी और आईआर (IR) के साथ कनेक्टिविटी वाले सबसे बड़े जंक्शन यार्ड में से एक बन गया है। इस कनेक्टिविटी के साथ दादरी यार्ड मालगाड़ी के सुचारू संचालन की सुविधा प्रदान करने के साथ ही सबसे व्यस्त यार्ड में से एक बन गया| पूरे यार्ड में एक्सल काउंटर के साथ ड्यूल डिटेक्शन डीसीटीसी की स्थापना की गई है।

ईआई और वीडीयू के व्यक्तिगत रूप से या एक साथ विफलता के मामले में इमरजेंसी क्रैंक हैंडल रिलीज की सुविधा भी लागू की गई है। दादरी -न्यू बोराकी और दादरी -न्यू दादरी  के मध्य लाइन नंबर 3, 4,5 और 6 में बीपीएसी के साथ स्लॉट वर्किंग उपलब्ध कराइ गई है

प्रत्येक ईसीयू में फायर अलार्म सिस्टम और आग लगने की स्थिति में हूटर और फ्लैशिंग लाइट के साथ एएसएम कक्ष में केंद्रीकृत नियंत्रण दिया गया| ईआई और डेटालॉगर और कार्ड स्तर तक संचार लिंक के लिए प्रदान किए गए सभी संचार उपकरणों की निगरानी के लिए एनएमएस प्रदान किया गया

इस कार्य के पूर्ण हो जाने से ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर(EDFC),  वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर(WDFC) से आने वाली गाड़ियां सीधे दादरी यार्ड में ली जा सकेंगी और आगे के लिए भेजी भी जा सकेंगी।

इस कमिश्निंग के कार्य के पूर्ण हो जाने से दादरी यार्ड  एक जंक्शन के रूप में कार्य करेगा तथा ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर एवं वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर को जोड़ने में भी एक अहम भूमिका निभाएगा साथ ही साथ माल गाड़ियों के संचालन को और सुचारू एवं तीव्र बनाने में सहायक होगा।