विदेश मंत्रालय की नीतियां लाई रंग Coronaके दौरान खाड़ी देशों में भारतियों की हुयी सुरक्षा

शाश्वत तिवारी नई दिल्ली। Corona के दौरान खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों और कोझीकोड (कालीकट) हवाई अड्डे के बीच संपर्क की कमी, कोविड-19 महामारी के कारण जीसीसी देशों में अपनी नौकरी गंवाने वाले व्यक्तियों का क्या हुआ?,

विदेश मंत्रालय की नीतियां लाई रंग Coronaके दौरान खाड़ी देशों में भारतियों की हुयी सुरक्षा
विदेश मंत्रालय की नीतियां लाई रंग Coronaके दौरान खाड़ी देशों में भारतियों की हुयी सुरक्षा

मानव तस्करी पर सरकार के कदम क्या क्या रहे? इन तमाम सवालों से लोकसभा मेंबर एम् के राघवन ने सरकार को घेरा लेकिन विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन ने लोकसभा में सवालों के जवाब में विस्तृत आंकड़े पेश करके साबित कर दिया के सरकार ने सिर्फ बात ही नहीं की बल्कि काम भी किया है  जिसका फायदा भारतीय नागरिकों को हुआ है।

सवालों के जवाब देते हुए सबसे पहले विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन ने कोझीकोड (कालीकट) हवाई अड्डे और खाड़ी देशों के बीच ग्रीष्मकालीन 2022 में हर हफ्ते हुयी उड़ानों की कुल संख्या के बारे में बताया।

कोझीकोड (कालीकट) हवाई अड्डे से खाड़ी देशों का बढ़ा संपर्क, भारतीय श्रमिकों को मिला फायदा।

देश की संख्या:

संयुक्त अरब अमीरात (आबू धाबी)                                 18

संयुक्त अरब अमीरात (दुबई)                                        37

संयुक्त अरब अमीरात (शारजाह)                                   21

 संयुक्त अरब अमीरात (रास अल खैमाह)                          2

सऊदी अरब                                                              49

कतर                                                                        22 

कुवैत                                                                         5                                                        

ओमान                                                                     14

बहरीन                                                                      13

 

मानव तस्करी पर बोले विदेश राज्य मंत्री कहाँ शिकायतों पर सरकार की है पैनी नज़र।

सरकार के अनुमानों के अनुसार, वंदे भारत मिशन के तहत छह खाड़ी देशों से लगभग 7,16,662 श्रमिक लौटे। ईसीआर देशों का नाम और भारतीय कामगारों की अनुमानित संख्या इस प्रकार है:

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देश की संख्या:

संयुक्त अरब अमीरात     3,30,058

सऊदी अरब                   1,37,900

कुवैत                              97,802

ओमान                           72,259

कतर                              51,190

बहरीन                            27,453

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कोविड-19 महामारी के दौरान वरदान साबित हुए कई मिशन :

विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री वी० मुरलीधरन ने आगे जवाब देते हुए बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान, हमारे मिशनों और केंद्रों ने वंदे भारत मिशन में विदेशों में फंसे भारतीय कामगारों की वापसी में मदद की है। इसमें बोर्डिंग और लॉजिंग, हवाई मार्ग, आपातकालीन चिकित्सा देखभाल आदि से संबंधित जरूरतों के आधार पर खर्च भी शामिल थे।

महामारी के दौरान यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता थी कि रोजगार के नुकसान के मामले में भारतीय कामगारों पर इसके प्रभाव को कम किया जाए। उस दिशा में, मंत्रालय और खाड़ी में हमारे सभी मिशन लगातार उच्चतम राजनीतिक स्तर पर खाड़ी देशों की सरकारों के साथ काम कर रहे थे ताकि श्रमिकों को बनाए रखा जा सके।

खाड़ी के सभी देशों ने सरकार के इन प्रयासों के प्रति अनुकूल प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसके परिणामस्वरूप खाड़ी देशों में वापस लौटने वालों का निरंतर प्रवाह रहा है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी हितधारकों को विभिन्न क्षेत्रों के तहत नियोक्ता कनेक्ट के लिए आत्मानिर्भर कुशल कर्मचारी नियोक्ता मैपिंग पोर्टल पर विवरण अपलोड करने के साथ SWADES उम्मीदवार डेटाबेस तक पहुंच प्रदान की गई है।

34118 उम्मीदवारों ने SWADES कौशल कार्ड जून 2022 तक के लिए पंजीकरण कराया है।  -माइग्रेट पोर्टल के अनुसार 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2022 की अवधि के दौरान ईसीआर देशों के लिए कुल 4,16,024 उत्प्रवास मंजूरी (ईसी) जारी की गई थी।

सरकार के समझौते आये काम, मानव तस्करी पर लगा विराम:

मानव तस्करी पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए राज्य मंत्री वी० मुरलीधरन ने बताया की विदेश मंत्रालय को स्थापित तंत्र के माध्यम से समय-समय पर अवैध भर्ती एजेंटों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त होती हैं। ऐसी शिकायतों को उत्प्रवास अधिनियम के प्रावधान के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों की संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अग्रेषित किया जाता है। तस्करी और अवैध प्रवास को रोकने के लिए, हर संभव प्रयास किये गए हैं जिनका फायदा भी मिल रहा है।